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October 21, 2013

शाहबाद डेरी (दिल्ली) में मेडिकल कैम्प

प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, इंकलाबी मजदूर केंद्र और प्रोगरेसिव मेडिकोस फोरम की सहभागिता में 20 अक्टबूर,रविवार, को रोहिणी के नजदीक स्थित मजदूर बस्ती, शाहबाद डेरी, में एक मेडिकल फोरम का आयोजन किया गया। पिछले कुछ समय से इस बस्ती के लोग डेंगू से बुरी तरह से प्रभावित हैं। इस बस्ती में पीने के पानी से लेकर सफाई तक की स्थिति कहीं से कहीं तक भी एक जिंदा इंसान के रहने लायक नहीं कहीं जा सकते हैं। इस कैम्प का मकसद शाहबाद डेरी की जनता के साथ जुड़ाव बनाकर उनके संघर्षों को एक नए धरातल पर ले कर जाना है।











































प्रगतिशील महिला एकता केंद्र तथा इंकलाबी मजदूर केंद्र ने दिल्ली की शाहबाद डेरी मजदूर बस्ती में डेंगू फैलने  के विरोध  में नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-5, रोहिणी, दिल्ली पर अपनी मांगें रखते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में शाहबाद डेरी के पुरुषों और महिलाओं ने भागीदारी कर प्रदर्शन को सफल बनाया. प्रदर्शनकारियों ने शाहबाद डेरी में नियमित सफाई, छोटी गलियों में सफाई के लिए हाथ से चलने वाले छोटी गाड़ियों की व्यवस्था करने, प्रतिदिन मच्छर मरने वाली दवाई डालने, सफाई कर्मचारियों का ठेकाकरन बंद करने तथा उनकी स्थाई नियुक्ति की मांग की. इसके अलावा शाहबाद डेरी में कम से कम 3 सरकारी डिस्पेंसरी और एक सरकारी अस्पताल खोलने की मांग की गई.
प्रदर्शन  में जनता की भागीदारी बनाने तथा जागरूकता फ़ैलाने के लिए बड़े पैमाने पर बस्ती में परचा वितरण किया गया.
प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि नगर निगम कार्यालय में अधिकारीयों से मिले। अधिकारियों द्वारा मौखिक तौर पर अधिकतर मांगें मान ली गईं.  

    

October 18, 2013

Free Medical camp on 20.10.2013 by Pragatisheel Mahila Ekta Kendra 

Public health sector is most neglected sector in India. Workers, slum dwellers, women and poor people are worst sufferer of government's apathy for public health. During our work with working women of Shahbad Dairy a slum located on outskirt of outer Delhi we have noticed their vulnerability. Health checkup cum Health & Hygiene awareness camp is organised by Pragatisheelmahila Ekta Kendra focusing on women's health. Doctors associated with Progressive medicos forum has consented to help us in organizing this medical camp. Activists of Inqulabi Mazdoor Kendra have also joined us to organize this camp.

July 23, 2013

मारुति सुजुकी के मजदूरों ने 18 जुलाई 2012 की घटना के 1 वर्ष पूरे होने पर दिया धरना और प्रदर्शन


18 जुलाई 2012 को हुई घटना के 1 वर्ष पूरे होने पर मारुति सुजुकी मजदूरों ने 18 जुलाई से मानेसर (गुड़गांव) के ताऊ देवीलाल पार्क में धरने का कार्यक्रम तय किया था जिसे पूंजीपतियों की सरकार ने पूर्वनिर्धारित रूप में पूरा नहीं  होने दिया। इससे पहले भी 18-19 मई को भारतीय पूंजीपतियों की सरकार ने कैथल में शान्तिपूर्ण धरने पर बैठे मारुति सुजुकी के मजदूरों को 18 मई की आधी रात को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद अगले दिन हरियाणा के ग्रामीणों द्वारा मारुति सुजुकी मजदूरों के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन पर बर्बर लाठी चार्ज किया। इस प्रदर्शन में शामिल लोगों को आंसू गैस के गोलों तथा पानी की बौछारों का भी सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी ग्रामीण महिलाओं को बुरी तरह पीटा गया और उन्हें घसीट कर थाने ले जाया गया। इसी के साथ ग्यारह लोगों पर हत्या की कोशिश और हथियार रखने इत्यादि सहित संगीन धारायें लगाकर जेल भेज दिया गया। 
मारुती सुजुकी के मजदूरों के समर्थन में और हरियाणा पुलिस द्वारा किये गए बर्बर लाठी के विरोध में  देश के अलग-अलग हिस्सों में तथा दिल्ली में स्थित हरियाणा भवन, श्रम शक्ति भवन पर मजदूरों-छात्रों-महिलाओं के संगठनो और लोकतांत्रिक, जनपक्षधर जनता ने प्रदर्शन किये गए, जिनमे प्रगतिशील महिला एकता केंद्र द्वारा भागीदारी की. 
मारुति सुजुकी के मजदूरों ने अपने वर्तमान ट्रेड यूनियन संघर्ष में यह साबित कर दिया की मजदूरों की जुझारु एकता ही मजदूरों को उनकी गुलामी की स्थिति से मुक्ति दिल सकती है. इसे बनाये रखना और बढ़ाना होगा। इसी के साथ देशभर के मजदूरों को इस तरह के संघर्षों में अपनी संग्रामी एकजुटता कायम करनी होगी।


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