October 23, 2026

मजदूर नेताओं पर फर्जी गुंडा एक्ट लगा जिला बदर करने का विरोध करो

इंकलाबी मजदूर केंद्र के जयप्रकाश मजदूरों के बीच ट्रेड यूनियनों में काम करने वाले मजदूर नेता है। पिछले साल और इस वर्ष फूटे मजदूर आंदोलन में इंकलाबी मजदूर केंद्र जनवादी संवैधानिक अधिकारों के तहत मजदूर वर्ग को उसके अधिकारों के लिए एकजुट करके न्यूनतम वेतनमान और काम के घंटों को लेकर आंदोलन में मजदूरों को गोलबंद करता रहा। तब उत्तराखंड की भाजपाई सरकार ने आंदोलन का बर्बर दमन किया। यही अन्य राज्यों में भी हुआ। इस वक्त हरिद्वार में इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज और जय प्रकाश और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट संगठन के ललित कुमार पर संगीन फर्जी मुकदमे दर्ज करके गुंडा एक्ट की कार्यवाही किए जाने का नोटिस मिला।

जिसमें मुकदमा चला और लंबे समय तक इस पर तारीख मिलती रही। फिर दो तीन महीने तक कोई सुनवाई नहीं हुई और एक सप्ताह पहले अचानक रात को फोन आता है और अगले दिन तारीख पर पहुंचने को कहा जाता है। और आज सुबह जयप्रकाश को खुफिया पुलिस (SOG) कमरे से उठाकर सिडकुल थाने में ले जाती और वहां जबरदस्ती गुंडा एक्ट के कार्यवाही वाले कागज पर साइन कराए जाते हैं। इस पूरे समय में जयप्रकाश को फोन द्वारा अपने साथियों को सूचित भी नहीं करने दिया गया यहां तक कि अपने वकील तक से भी बात नहीं करने दी। तब दोपहर में हरिद्वार से नजीबाबाद वाले रस्ते के बोडर पर छोड़ दिया जाता है। मजदूर नेता जयप्रकाश और ललित कुमार को 4 महीने के लिए जिला बदर कर दिया।

एक तरफ मजदूर को उनके अधिकारों के लिए संगठित करने वाले मजदूर नेताओं और कार्यकर्ताओं पर फर्जी संगीन मुकदमे लगाकर जेल या फिर जिला बदर कर दिया जाता है तो वहीं दूसरी तरफ खनन माफिया, भू माफिया, शराब माफिया से लेकर दंगों और अपराध में शामिल लोग मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री गृह मंत्री से लेकर राज्यपाल तक बना दिए जा रहे हैं।

आज मजदूर आंदोलन के खड़े होने, अंकिता भंडारी मामले में आंदोलन खड़ा होने और जनता के एस आई आर संबधी आंदोलन के खड़े होने के डर से धामी सरकार और इसकी पुलिस ने मजदूर नेताओं पर जिला बदर करने की कार्यवाही कर डाली।

प्रगतिशील महिला एकता केंद्र धामी और मोदी सरकार को इस मजदूर विरोधी कार्यवाही, संवैधानिक जनवादी अधिकारों को कुचलने वाली कायरना हरकत की निंदा करता है और मांग करता है कि मजदूर नेताओं पर लगे फर्जी मुकदमे वापस ले इस कार्यवाही को तत्काल रद्द किया जाय।

0 comments:

Post a Comment

Template developed by Confluent Forms LLC; more resources at BlogXpertise