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March 2, 2022

सवाल हिजाब या स्कर्ट का नहीं व्यक्तिगत आजादी का है...

  

6 फरवरी को कर्नाटक के उडुप्पी जिले के मांड्या  शहर में पी0ई0एस0 कॉलेज की एक मुस्लिम छात्रा, जो अपने पारम्परिक कपड़ों हिजाब पहने थी को संघी गुण्डों ने घेरने और डराने का प्रयास किया। कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद 06 जनवरी से शुरु हुआ था। कर्नाटक के उडुप्पी जिले में एक कॉलेज ने 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कॉलेज में प्रवेश करने रोक दिया था। कॉलेज मैनेजमेन्ट ने इसे नई यूनिफार्म पॉलिसी के कारण प्रतिबंधित किया था। इसके बाद इन छः लड़कियों ने कर्नाटक हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। छात्राओं ने हिजाब पहनने की इजाजत नहीं देने को संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकारों के हनन का हवाला भी दिया है। संविधान के अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समानता) के अंतर्गत यह दर्ज है कि राज्य, भारत के राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता से या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा। संविधान के अनुच्छेद 25 (ए) (धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार) के अंतर्गत अतःकरण, धर्म के आचरण की स्वतंत्रता और धर्म का प्रचार-प्रसार करने की स्वतंत्रता के अंतर्गत यह दर्ज है कि लोक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, सभी व्यक्तियों को अंतःकरण की स्वतंत्रता का और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक होगा।
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