March 2, 2026

ईरान पर अमरीकी साम्राज्यवादियों तथा इजरायल द्वारा किए गए हमले का विरोध करो

28 फरवरी को अमेरिका व इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया। अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने आपरेशन इपिक फ्यूरी नामक इस हमले का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों से वंचित करना बताया है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने कई मिसाइली हमले रिहायशी इलाकों, स्कूलों व ईरानी नेताओं के आवास को निशाना बनाते हुए किए। इन हमलों में ईरान के शीर्ष नेता खामेनेई मारे गये। एक मिसाइल हमले में ईरान में 53 स्कूली बच्चों के मारे जाने की खबर है। प्रत्युत्तर में ईरान ने भी इजरायल व 8 अरब देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए हमला बोला है।

ईरान पर यह हमला अमेरिकी साम्राज्यवादियों द्वारा अपने वर्चस्व को कायम करने की तरफ एक और कदम है। इससे पहले अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर वेनेजुएला की संप्रभुता को नष्ट करने का काम किया है। ईराक तथा अफगानिस्तान पर परमाणु हथियारों के होने का झूठा आरोप लगा कर उन पर हमले किए। उन देशों को बर्बाद करके उन्हें सैकड़ों साल पीछे धकेल दिया। आज फिर अपनी चौधराहट को बरकरार रखने के लिए परमाणु हथियारों का वही आरोप लगा कर ईरान पर हमला कर रहा है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने हमले के बाद एक ओर ईरानी हुकूमत को 10 दिन के भीतर अमेरिकी मांगों को स्वीकारने का अल्टीमेटम दिया। वहीं दूसरी ओर उसने ईरानी जनता से तख्तापलट करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी आजादी नजदीक है और उन्हें सरकार पलटने का ऐसा मौका लम्बे वक्त तक नहीं मिलेगा। स्पष्ट है कि अमेरिकी साम्राज्यवादी किसी भी कीमत पर खामेनेई हुकूमत को अपदस्थ करना चाहते हैं, ताकि अमेरिकी साम्राज्यवादी अपने मन मुताबिक वहां के तेल व अन्य खनिज संपदाओं की लूट का प्रभुत्व प्राप्त कर सकें। ईरान में परमाणु हथियार होना तो महज एक बहाना है।

आज दुनिया भर में साम्राज्यवादी शक्तियां अन्य देशों पर हमला कर अपने वर्चस्व को बढ़ाने की होड़ में लगी है। जबकि वहीं दूसरी तरफ इन देशों की आम मज़दूर मेहनतकश जनता इन युद्धों में बेवजह तबाह बर्बाद और मारी जाती है। चाहे यमन हो या यूक्रेन हो या फिलीस्तीन या ईरान हर जगह आम जनता युद्धों के दौरान न सिर्फ अपनी जान गंवाती है, बल्कि युद्ध के दौरान पैदा हुए संकटों की शिकार होती है जिसमें महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा इसके शिकार होते है।

पूरी दुनिया में साम्राज्यवादी ताकतों द्वारा किए जा रहे इन हमलों पर रोक दुनिया की मज़दूर मेहनतकश आबादी ही लगा सकती है। मजदूर मेहनतकश जनता द्वारा खड़ा किया गया सशक्त विद्रोह ही ना सिर्फ इन विनाशकारी युद्धों पर लगाम लगाएगा, बल्कि इस पतित व्यव्स्था का अंत कर एक न्यायपूर्ण समानता पर आधारित मज़दूर राज का निर्माण करेगा जहां युद्ध नहीं शांति और जीवन होगा।

प्रगतिशील महिला एकता केंद्र अमरीका और इजरायल द्वारा ईरान की संप्रभुता पर किए इस हमले का पुरजोर विरोध करता है और साम्राज्यवाद के नाश में मजदूर मेहनतकश जनता के साथ संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध है।

इंकलाब जिंदाबाद

साम्राज्यवाद मुर्दाबाद

प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी

 

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